Bihar Cabinet Decision 2026: नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 31 एजेंडों को मंजूरी, शिक्षा–संस्कृति पर बड़ा फैसला
बिहार कैबिनेट निर्णय 2026: नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 31 एजेंडों को मंजूरी
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 29 जनवरी 2026 को आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े 31 महत्वपूर्ण एजेंडों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों का सीधा असर शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक न्याय, छात्र कल्याण और उच्च शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाला है।
बिहार सरकार के इन निर्णयों को राज्य की मानव संसाधन विकास नीति की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई योजनाओं में बदलाव और नई स्वीकृतियां दी गई हैं।
कैबिनेट बैठक की पृष्ठभूमि और महत्व
29 जनवरी 2026 को हुई यह कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई। इस बैठक में कुल 31 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक सुधार से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे।
बिहार सरकार लंबे समय से यह प्रयास कर रही है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और छात्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए। इसी दिशा में यह कैबिनेट निर्णय एक अहम पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रमुख निर्णय
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में शिक्षा और संस्कृति से जुड़े कई बड़े निर्णय शामिल हैं, जो आने वाले समय में लाखों छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएंगे।
पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए दी जाने वाली प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की दर को दोगुना करने की मंजूरी दी है। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि शुरुआती स्तर पर आर्थिक सहयोग मिलने से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और शिक्षा के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ेगी।
छात्रावास अनुदान में बड़ा इजाफा
राज्य सरकार ने छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए मिलने वाले मासिक अनुदान को ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह करने का निर्णय लिया है।
यह फैसला खास तौर पर दूरदराज के इलाकों से पढ़ाई करने आने वाले छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह सहायता छात्रों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।
मेधावृत्ति योजना में आय सीमा बढ़ाई गई
कैबिनेट बैठक में मेधावृत्ति योजना से जुड़े नियमों में भी अहम बदलाव किया गया है। अब इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए आय सीमा को बढ़ाकर ₹3 लाख कर दिया गया है।
इस निर्णय से मध्यम वर्गीय परिवारों के होनहार छात्र भी इस योजना के दायरे में आ सकेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक कारणों से पीछे न रहने देना है।
बक्सर में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां संगीत महाविद्यालय को स्वीकृति
संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बक्सर में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां संगीत महाविद्यालय के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है।
इस परियोजना के लिए कुल ₹87,81,43,400 की वित्तीय मंजूरी दी गई है। यह संस्थान भारतीय शास्त्रीय संगीत के संरक्षण, प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस संगीत महाविद्यालय के माध्यम से बिहार के युवा कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
47 पीएम श्री स्कूलों के लिए ₹40 करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में राज्य के 47 पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों के लिए कुल ₹40 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
इस राशि का उपयोग स्कूलों के बुनियादी ढांचे, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षा, आधुनिक लैब और शिक्षक प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
पीएम श्री योजना का उद्देश्य चयनित सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
उच्च शिक्षा विभाग में 161 नए पदों की स्वीकृति
बिहार कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 161 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है।
इस फैसले से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए पदों के सृजन से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्यों अहम हैं ये फैसले?
- आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सीधी राहत
- ड्रॉपआउट दर में संभावित कमी
- ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को बेहतर सुविधाएं
- कला और संस्कृति से जुड़े छात्रों को नए अवसर
- उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार
राज्य सरकार की नीति और दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक न्याय को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते रहे हैं। यह कैबिनेट निर्णय उसी नीति को आगे बढ़ाने का प्रमाण है।
सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा के बिना समग्र विकास संभव नहीं। इसी कारण छात्रवृत्ति, छात्रावास, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और उच्च शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
29 जनवरी 2026 को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में लिए गए 31 एजेंडों के फैसले राज्य के शिक्षा और संस्कृति क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
छात्रवृत्ति बढ़ोतरी, छात्रावास अनुदान में इजाफा, मेधावृत्ति योजना में ढील, पीएम श्री स्कूलों का विकास और उच्च शिक्षा में नए पद — ये सभी निर्णय बिहार को शिक्षा हब बनाने की दिशा में मजबूत संकेत हैं।
आने वाले महीनों में इन फैसलों का असर जमीन पर कितना दिखता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
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FAQs: बिहार कैबिनेट निर्णय 2026
Q1. बिहार कैबिनेट बैठक 2026 कब हुई?
यह बैठक 29 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई।
Q2. कैबिनेट में कितने एजेंडों को मंजूरी मिली?
कुल 31 महत्वपूर्ण एजेंडों को स्वीकृति दी गई।
Q3. छात्रावास अनुदान कितना बढ़ाया गया?
छात्रावास अनुदान ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह कर दिया गया है।
Q4. पीएम श्री स्कूलों के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई?
47 पीएम श्री स्कूलों के लिए ₹40 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

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